दोस्तों आज के इस एपिसोड में जानेंगे पिरामिड से जुड़े १२ रहस्यों के बारे में
अगले एपिसोड हम बताएँगे पिरामिड कैसे बने जानने के लिए बने रहे Revealing Eyes के साथ
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मिस्र की राजधानी काहिरा के पास गीज़ा के पठार के नज़दीक तीन बड़े पिरामिडों का समूह है. इनमें से सबसे बड़ा ‘हाफ़ू का पिरामिड’ है जिसे देखने दुनिया भर से पर्यटक आते हैं. सभी ने अपने जीवन में पिरामिड के बार में बहुत कुछ पढ़ा होता है और उनमें बहुत कुछ और जानने और देखने की उत्सुकता होती है. लेकिन पिरामिड के अंदर की दुनिया कैसी होती है यह अभी तक रहस्य बना हुआ है. साढ़े चार हज़ार साल पुराने गीज़ा पिरामिड को लगभग एक लाख लोगों ने मिलकर thirty साल में खड़ा किया था.
पुरातत्वविदों व वैग्यानिकों ने रहस्यमय गीजा के पिरामिडों के भीतर की दुनिया जानने की कोशिश कर दी है। इसके तहत एक रोबोट ने पिरामिड के बाहरी दरवाज़े में तो छेद बना दिया लेकिन इसके बाद खड़े एक और दरवाज़े के सामने घुटने टेक दिए. ‘पिरामिड रोवर’ नाम के इस रोबोट में एक छोटा सा कैमरा लगा था. वैज्ञानिक इस कैमरे से ली गई तस्वीरों को देखने बाद ही पिरामिड के अंदर झाँकने की अगली कोशिश करेंगे.
बारह सेंटीमीटर के इस रोबोट को लगभग sixty five मीटर लंबी एक सुरंग के ज़रिए पिरामिड की पहली दरवाज़े तक पहुँचाया गया. देखते ही देखते रोबोट ने इस दरवाज़े में छेद बना दिया और उस पार झाँकने के लिए एक कैमरा इस छेद में डाल दिया. लेकिन वैज्ञानिकों की आशा के विपरीत कैमरे के सामने एक और दरवाज़ा था.पिरामिड रोवर ने इस दीवार में छेद बनाने की कोशिश तो की लेकिन उसे सफलता नहीं मिली.
दरअसल 1993 में एक जर्मन पुरात्तवविद् ने एक कैमरे के साथ एक रोबोट को उस सुरंग में अंदर भेजा था. साठ मीटर की दूरी तो उस रोबोट ने ठीक से तय कर ली लेकिन उसके बाद वह जा टकराया एक दरवाज़े से. पिरामिड रोवर ने पहले दरवाज़ा तो तोड़ दिया है लेकिन दूसरे दरवाज़े के पार झाँकने के लिए उसे फिर से लौटना पड़ेगा. लेकिन क्या पता उसके आगे एक तीसरा, एक चौथा और……शायद कई और दरवाज़े हों?

For 4,500 many years, the Terrific Pyramid has stood like a giant Goliath defying everyone from discovering its secrets. Only the “Stone Slash Out Without Fingers” can knock it down and allow us to search at the hidden chambers in just its wide depth.

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